Tuesday, April 12, 2016

Dost

मकान जले तो बीमा ले सकते हैं
सपने जले तो क्या किया जाए...

आसमान बरसे तो छाता ले सकते हैं
आँख बरसे तो क्या किया जाए...

शेर दहाड़े तो भाग सकते हैं
अहंकार दहाड़े तो क्या किया जाए...

काँटा चुभे तो निकाल सकते हैं
कोई बात चुभे तो क्या किया जाए...

दर्द हो तो दवा ले सकते हैं
वेदना हो तो क्या किया जाये...

एक अच्छा मित्र एक दवा जैसा ही होता है,
पर एक अच्छा ग्रुप पुरे मेडिकल स्टोर जैसा होता है..!!

    💐💐सभी को समर्पित💐💐

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